In Hindi Full Extra Quality - Palitana 5 Chaityavandan

की भी पूरी जानकारी चाहते हैं? Shree Siddhagiriraj Yatra Five Chaityavandans - Tattva Gyan

सूरजकुंड सोहामणो, कावड़यक्ष अभिराम;नाभीराया कुल मण्डणो, जिनवर करूं प्रणाम। 3

श्री रायण पगलिया चैत्यवंदन (Rayan Pagla)

एह गिरि नी महिमा अनंत, कुण करे वखाण,चैत्री पूनम ने दीने, तेह अधिको जाण। (२)

यह चैत्यवंदन भगवान के पंचकल्याणक और उनके गुणों को दर्शाता है।

पालीताना (शत्रुंजय महातीर्थ) की यात्रा में 5 मुख्य चैत्यवंदन

यह चैत्यवंदन पालीताणा में '' नामक स्थान पर किया जाता है। इस स्थान पर भगवान के चरण चिह्न हैं, जो अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। इस स्थान की विशेषता यह है कि यहाँ भगवान ऋषभदेव के प्रथम गणधर श्री पुंडरीक स्वामी की दो मूर्तियाँ भी विराजमान हैं। इस चैत्यवंदन के मंत्रों का पाठ करते समय भक्त भावपूर्ण श्रद्धा अर्पित करते हैं।

प्रत्येक चैत्यवंदन की एक निश्चित विधि होती है, जिसका पालन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।