इस अधिनियम के तहत हर प्रकार के कर्ज या बकाया को लोक मांग नहीं माना जाता है। अधिनियम की में स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है कि किन बकायों को 'लोक मांग' माना जाएगा। इसके मुख्य उदाहरण निम्नलिखित हैं:
या
Any order passed by the Certificate Officer can be appealed under Section 60 of the Act .
यदि ऋणी जानबूझकर पैसा नहीं चुका रहा है या अपनी संपत्ति छुपा रहा है, तो उसे गिरफ्तार कर दीवानी जेल (Civil Prison) में भेजा जा सकता है।
बकाये की वसूली के लिए 'सर्टिफिकेट ऑफिसर' (Certificate Officer) को विशेष शक्तियां देना।
नोटिस मिलने के बाद बकायेदार धारा 9 के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है कि दावा की गई राशि गलत या अवैध है।